प्यार के चंद किस्से हैं
प्यार के चंद किस्से हैं, सब मेरे ही हिस्से हैं| एक ही अंजाम सबका, खामोश हम सिसके हैं| प्यार के चंद किस्से हैं… वो समझा नहीं हमें, हुए हम पूरे जिसके हैं| प्यार के चंद किस्से हैं… अब अपना कुछ कहाँ, हम जो हैं सब उसके हैं|...
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वीर
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[15 Jun 2010 01:05 AM]



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