वासना और प्रेम में अंतर : आर्ट ऑफ़ लिविंग के अनुसार
प्रेम में एक वस्तु भी जीवन्त हो उठती है। पत्थर और वृक्ष तुमसे बातें करते हैं, चाँद, सूरज और समस्त सृष्टि सजीव और दिव्य हो जाती है। वासना में एक सजीव प्राणी भी केवल वस्तु बन कर रह जाता है। वासना तनाव लाती है, प्रेम विश्वास लाता है। वासना में कपट और छल है,...
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jayantijain
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[15 Jun 2010 00:46 AM]



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