मुझे चाँद चाहिए :आत्मविश्वास कि गाथा

apni baat!  Umesh Pathak ke saath. -उमेश पाठक पश्चिमी दार्शनिक हईड़ेगर ने कहा था - मनुष्य इस संसार में एक फेंकी हुयी सत्ता है। कभी -कभी जिंदगी के थपेड़ों को महसूस करने के बाद उसकी ये बात सच प्रतीत होती है!कभी हम इतने मजबूर होतें हैं कि जो निर्णय नियति लेती है उसे स्वीकार करने के अलावा... [पूरी पोस्ट]
writer Umesh Pathak / उमेश पाठक
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[14 Jun 2010 22:20 PM]

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