जोश में होश नहीं रहता
जोश में होश नहीं रहता होश में जोश नहीं रहतामानुस तन है, बुद्धि है, विवेक है,गूंगा भी खामोश नहीं रहताकहा गया है,"जल्दी में लद्दी (कीचड)औ धीर में खीरअपने ही लोग, और अपनों केकारण, पहुँचती है/पहुंचाते हैं,मन को पीरमित्रों, मेरा कतई यह उद्देश्य नहीं...
[पूरी पोस्ट]
सूर्यकान्त गुप्ता
12
1
0
1
9
[14 Jun 2010 22:36 PM]



Shuffle








