चिंताएं [कविता] - राजीव थेपड़ा
चिन्ताएं-एक लंबी यात्रा हैं-अन्तहीन, चिन्ताएं-एक फ़ैला आकाश है असीम, चिन्ताएं-हमारे होने का एक बोध हैं, साथ ही हमारे अहंकार का एक प्रश्न भी!! चिन्ताएं-कभी दूर ही नहीं होती हमसे, अन्त-हीन हैं हमारी अबूझ चिन्ताएं, जो हमारे कामों से ही शुरू होती हैं, और...
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[14 Jun 2010 20:30 PM]



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