तुझसे मिलने की फरियाद करते हैं....:- देव

मेरी दुनिया मेरा जहां.... बंधुओ, आज संध्या की बारिश और ट्राफिक से सम्बंधित कुंठाओ को दरकिनार करते हुए कुछ सार्थक बातचीत की जाए.... कुछ सृजनात्मकता की बात की जाए... कुछ ऐसी बातें हो जो मन को राहत पहुचाये.... और सुकून का एहसास करा जाए...कुछ शब्द... यहाँ वहां जोड़ दिए हैं... कविता... [पूरी पोस्ट]
writer देव कुमार झा
views
18
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
10
[14 Jun 2010 13:37 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix