स्वीकार है मुझे लेकिन .....

संयोग-वियोग  प्राक्कथनहम औरतों को सहना, रोना क्यों अच्छा लगता है? हम चाहे कितना भी पढ़-लिख जायें पर हमारे संस्कार हमें अपनी मिट्टी की सौंधी खुश्बू के पास रखते हैं। कुछ ही लड़कियाँ होती हैं जो अपने सपनों को सुनहरे पंख देकर इस खुश्बू से दूर जा पाती है, वरना अधिकतर... [पूरी पोस्ट]
writer प्रकाश टाटा आनन्द
views
2
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[22 May 2010 08:27 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix