मैं जहाँ था तुम वहाँ थे, रास्ते सब एक थे... (समाज की विषमताओं की वेदना लिखने वाला कवि और एक हास्य कवि)

दिल की कलम से... शिवम् मिश्र जी ने एक मुहिम शुरू की....ये लिंक्स पढ़े....पहली बरसी पर विशेष :- अश्रुपूरित श्रद्धांजलि और मेरी वह मुराद ............बिन मांगे जो पूरी हुयी !! यह एक सार्थक और भावनात्मक प्रयास है....साहित्य के उन स्तंभों को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी... [पूरी पोस्ट]
writer दिलीप
views
42
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
27
[14 Jun 2010 11:50 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix