“पिता और बच्चा-William Butler Yeats” (अनुवाद-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)
Father and Child a poem by William Butler Yeats अनुवाद-डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक” जब-जब भी प्रतिबन्धों कारहस्य खोला हैनारी बँधी हुई है इनसे बालक ने यह बोला हैअच्छी महिलाएँ भी पुरुषों के अधीन हैंकहने का स्वाधीन मगर सब...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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[14 Jun 2010 10:55 AM]



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