हमें खिलाकर ताज़ा खाना माँ बासी रोटी खाती थी
देवेश पाण्डेय जनवरी 2010 से हिन्द-युग्म पर सक्रिय हैं। यह इनकी तीसरी रचना है जिसने मई 2010 की यूनिकवि प्रतियोगिता में सातवाँ स्थान बनाया है।पुरस्कृत कविताः माँ1-माँ क्या है?एक शब्द एक भाव एक खुश्बूएक ध्वनि एक दृश्य !क्या है माँ .....?जब पैदा हुआ तो...
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[14 Jun 2010 09:31 AM]



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