बारिश
आज की बरसात,बिलकुल वैसी ही है, जैसा पहले हुआ करती थी..एक ज़माने बाद बारिश में भीगने का मजा आया..एक ज़माने बाद फिर से वही मौसम लौटा..सब कुछ तो वैसा ही है, पर तुम नहीं हो..ये बूंदे जो चेहरे को छु के जा रही हैं,बार बार सवाल कर रही हैं मुझसे,तुम्हारे बारे में...
[पूरी पोस्ट]
abhi
कोई ख़ास
12
2
0
2
8
[14 Jun 2010 08:46 AM]



Shuffle








