लाशों का सौदागर कौन?

Khari-Khari पंकज शुक्लविधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों हैं बराबर दोषी कहते हैं कि दर्द का हद से गुजर जाना दवा बन जाना होता है। लगता है कि भोपाल के गैस पीडि़तों के दुखों के साथ भी यही हो रहा है। 25-26 साल के इंतजार के बाद जो फैसला आया है, उसे सबने 'कमजोरÓ,... [पूरी पोस्ट]
writer Pankaj Kumar Shukla

bhopal-genocide

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[14 Jun 2010 04:18 AM]

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