हवस के बादल

Khuda Khair kare तू हवस के बादलों से घिरी है , इश्क़ वालों की नदी सूखी पडी है।गोया रावण राम से डरता है लेकिन ,आज लक्ष्मण के हवाले झोपडी है।शहर को अपने अमीरों की दुआ है , गाडियों मे लोन की तख्ती लगी है।बच्चे पागल कह के मेरा पीछा करते,ये फ़कीरी मुझको तुमसे ही मिली है।मैं... [पूरी पोस्ट]
writer ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι

मुहब्बत की गली

views
4
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[27 May 2010 08:33 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix