मेरी दुनिया

Khuda Khair kare जब से तुमको देखा है , मरने की क्यूं इछ्छा है ।इक नदी बौराई तू , शांत मेरा दरिया है ।मैं पतन्गा तो नहीं , फ़िर भी मुझको जलना है।तेरी यादें ही सनम , अब तो मेरी दुनिया है। हमको जब माना खुदा ,हमसे फ़िर क्यूं परदा है।दूर जब से तू गई , बज़्म मेरा तन्हा है... [पूरी पोस्ट]
writer ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι

जलना है

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[28 May 2010 21:17 PM]

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