मज़बूरी

Khuda Khair kare मजबूरी कुछ तो होगी जो हमसे जुदा हुवे,तुम इश्क़ की ग़ुनाहों से फ़िर क्यूं खफ़ा हुवे।तुम ज़िन्दगी निभाती हो जीती कहां हो यार, कर प्यार हमसे ग़ैर के दिल की दुआ हुवे।मन्ज़ूर है लबों पे समन्दर की आग तुम , तो सर्द साहिलों की हंसी से रज़ा हुवे।जुर्मे- हवस मे डूबी रही... [पूरी पोस्ट]
writer ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι

जुदा हुवे

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[02 Jun 2010 22:21 PM]

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