तबस्सुम

Khuda Khair kare तेरे व्होंठो पे जब भी तबस्सुम दिखे ,मेरे दिल मे ग़ुनाहों का मौसम बने।गेसुयें तेरी लहराती है इस तरह , गोया बारिश के लश्कर का परचम तने।तेरी तस्वीर को जब भी शैदा करूं , तो मेरी आंखों से सूर्ख शबनम बहे ।दूर हूं तुझसे पर ख्वाहिशे दिल यही , दिल मे तू ही रहे या... [पूरी पोस्ट]
writer ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι

दरवेशी

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[08 Jun 2010 23:09 PM]

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