तशनगी

Khuda Khair kare रात भर बेबसी सी होती है , सुबह फ़िर तशनगी सी होती है।फ़ूलों में खुशबू अब नहीं होते ,धूप मे भी नमी सी होती है।अपनी खुशियां सुकूं नहीं देती , तेरे ग़म से खुशी सी होती है ।मैं शराबी नहीं मगर तुझको , देखकर मयकशी सी होती है ।मुल्क में बहरों की सियासत है ,हर सदा... [पूरी पोस्ट]
writer ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι

ज़िन्दगी

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[12 Jun 2010 22:58 PM]

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