चंद मुक्तक -संजीव 'सलिल'

भारत-ब्रिगेड चंद मुक्तक संजीव 'सलिल' * * कलम तलवार से ज्यादा, कहा सच वार करती है. जुबां नारी की लेकिन सबसे ज्यादा धार धरती है. महाभारत कराया द्रौपदी के व्यंग बाणों ने- नयन के तीर छेदें तो न दिल की हार खलती है.. * कलम नीलाम होती रोज ही अखबार में देखो. खबर बेची-खरीदी... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्य नर्मदा divya narmada
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[14 Jun 2010 00:35 AM]

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