कुछ ऐसे यादगार सफर थे वो..वो सफर अब वापस नहीं आयेंगे..

मेरी बातें जब मैं स्कूल में था, तो ज्यादातर पटना में ही रहता था.कहीं जाना भी हुआ तो अपने गांव बेगुसराय, वो भी छठ पूजा में.हम तो जैसे साल भर सिर्फ छठ पूजा का ही इंतज़ार करते थे.अभी भी याद है वो दिन.जिस दिन हमें गांव जाना होता था, उस दिन सुबह 4 बजे मम्मी उठा देती... [पूरी पोस्ट]
writer abhi

देव

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[13 Jun 2010 23:48 PM]

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