किस्मत और कर्म
किसी भी चीज का ऊपर से नीचे गिरना नियति है। लेकिन गुरुत्वाकर्षण जैसे नियमों को समझ जहाज बनाकर नीचे से ऊपर उड़ा देना इंसान की स्वतंत्रता है। यही है नियति की अधीनता और कर्म की प्रधानता।...
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अनिल रघुराज
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[13 Jun 2010 22:13 PM]



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