भोपाल का मृतलेख

नई सोच भोपाल की त्रासदी के 26 वर्षों बाद उसपर जो हालिया फैसला आया है वह चौंकाने वाला है। उसी फैसले का विरोध दर्ज करती ये कुछ पंक्तियां उन लोगों को को समर्पित जो बेवजह इस त्रासदी के शिकार हो गये और उन कई पीड़ितों के साथ खड़े होने की एक कोशिश जो इस अन्यायी फैसले... [पूरी पोस्ट]
writer उमेश पंत

मेरी सोच

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[13 Jun 2010 05:48 AM]

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