एक शहरी माओवादी से साक्षात्कार!
अरुंधती रॉय अपनी सपाट बयानी और साफगोई के लिए मशहूर हैं। नक्सलवादियों के इलाके दंडकारंय के जंगल में उन्होंने आदिवासियों और माओवादियों के साथ पिछले दिनों काफी वक्त बिताया है। विकास के नाम पर विध्वंस उन्हें कतई बर्दाश्त नही। पेश है शुक्रवार पत्रिका के...
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सौरभ के.स्वतंत्र
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[13 Jun 2010 05:32 AM]



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