सृजनात्मक लेखन पर डॉ. गोपाल शर्मा : पाठ 1
बड़ी खराब आदत है मेरी - खुद लिखने से बचना और आसपास वालों को उपदेशियाना कि अमुक लिखिए , तमुक लिखिए. प्रो. दिलीप सिंह ने जब से बाकायदा एक लेख में अपने ढेर सारे लेखन का श्रेय मेरी इस आदत को दिया है कि पठान की मानिंद पीछे पड़ जाता हूँ, तब से ढेट और भी खुल...
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ऋषभ Rishabha
चित्रावली
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[12 Jun 2010 17:06 PM]



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