जिन्दगी......... एक नदी

अर्पित ‘सुमन' जिन्दगी एक नदी की तरह है जो बस चलती जाती है कभी तेज तो कभी आहिस्ता1 नदी की तरह जिन्दगी भी कभी रुकती नही, रुक जाते हैं तो बस इंसान शायद हमारी फितरत ही ऐसी है कि हमारे जज्बात किनारे की रेत की तरह पानी के बहाव मे नही बह जाते अपितू नदी के सीने मे उभरी शिला... [पूरी पोस्ट]
writer सुमन'मीत'

जीवन दर्शन

views
30
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
13
[12 Jun 2010 15:16 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix