जीवन को दिशा तभी मिलेगी जबकि कुरआन समझकर पढ़ा जाये।
मौलाना से प्रश्न पूछा गया कि कुरआन की आयतों को समझें कि उसे हिफ़्ज़ यानि कंठस्थ करें।जवाब- कुरआन को विचार करके पढ़ो। जिसे रमज़ान में तरावीह पढ़ानी हो वह हिफ़्ज़ करे।मौलाना के कहने का तात्पर्य यह था कि जीवन को दिशा तभी मिलेगी जबकि उसे समझकर पढ़ा जाये। कुरआन एक...
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Dr. Ayaz ahmad
कुरआन
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[12 Jun 2010 14:06 PM]



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