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बड़े गंदे हो चले थे शब्दकरीने से सजाना मुश्किल हो चला था बच्चों की तरह धूल में सनकरशरारत से हँस रहे थे ...मैंने भी अच्छी माँ की भूमिका निभाईटब में पानी लिया जॉनसंस शैम्पू डाला और शब्दों को उड़ेल दिया ब्रश से रगड़ामुलायम तौलिये से सुखाया पाउडर लगायाआँखों...
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रश्मि प्रभा...
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[12 Jun 2010 13:52 PM]



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