स्वामी रामतीर्थ के विचार

गूंजअनुगूंज / GUNJANUGUNJ कोई चीज़ कितनी भी प्यारी क्यों न हो, अगर वह आत्म साक्षात्कार में बाधक हो तो उसे तुरंत हटा देना चाहिए । सांसारिक वस्तुओं में सुख की तलाश व्यर्थ है । आनंद का खजाना तुम्हारे भीतर है । इच्छाओं से ऊपर उठ जाओ, वे पूरी हो जाएंगी ; माँगोगे तो उनकी... [पूरी पोस्ट]
writer Manoj Bharti
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[12 Jun 2010 13:59 PM]

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