मैं क्या करूँ, कैसे जियूं--एक प्रणय गुहार
मेरे सीने में ये आग जो तू ने ही तो लगाई थी वो अब भी यूँ ही सुलग रहीमैं क्या करूँ, कैसे जियूं कैसे जियूं ,मैं क्यूँ जियूं जब तू नहीं मेरे पास हैबिन तेरे जिया हुआ हर लम्हा अब भी उदास है कभी तेरे साथ जो गुजरे थेनहीं भूल पाया मैं वो पल मैं...
[पूरी पोस्ट]
दीपक गर्ग
12
1
0
1
0
[12 Jun 2010 09:15 AM]



Shuffle








