रोये बेबस बाप देख नयनों का फूला

तीखी नज़र शैशव में जो आंख के तारे के मानिंदवही जवानी में बना पुत्र मोतियाबिन्दपुत्र मोतियाबिन्द 'मान-मर्यादा' भूलारोये बेबस बाप देख नयनों का फूलादिव्यदृष्टि फरजंद सताए सांझ-सकारेअत: प्रशासन उसे मौत के घाट उतारे... [पूरी पोस्ट]
writer दिव्यदृष्टि
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[12 Jun 2010 07:46 AM]

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