कविता में अभाव
एक दिन देश के गैर राजनीतिक बुद्धिजीवियों से मामूली आदमी पूछेगाउन्होंने तब क्या किया जब हल्की और अकेली मीठी आग की तरह देश दम तोड़ रहा था ?कोई नहीं पूछेगा उनसे उनकी पोशाकों के बारे में दोपहर के भोजन के बाद लंबी झपकी के बारे मेंकोई भी नहीं जानना नहीं...
[पूरी पोस्ट]
हिमानी
13
2
0
2
8
[12 Jun 2010 07:15 AM]



Shuffle








