खामोशी और शब्द

hava pani न जाने बेजान स्मृतियों में इतनीताकत कहां से आ गई कि वेयकायक उठ कर वर्तमान में अपनीजडें तलाशने लगी थी ।शायद यह वक्त हीअपने आप को पूरा होते हुएदेखने का थामैंने अपने दोनों हाथ उठायेमेरी दुआ तुरंत कबुल हो गई समय खामोशी के साथ थाइससे पहले की शब्द अपनामनचाहा... [पूरी पोस्ट]
writer vipin-choudhary
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[12 Jun 2010 05:16 AM]

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