रंगों के बाजीगर हैं फारुखी
उनके हाथों में जादू है जब वे कैनवस पर रंग उकेरते हैं तो कला जीवंत हो उठती है। उनके हाथों में पंहुचते ही मानो ब्रश अपने आप ही एक कहानी लिखने लगते हैं। फारुखी काफी पहले से ही रंगों से खेलने के शौकीन रहे हैं। उन्होंने अपनी अधिकांश पेंटिगें आस-पास के...
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अक्षत विचार
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[12 Jun 2010 03:30 AM]



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