मेरे भीतर तुम उपस्थित रहोगे
ओ मेरे पिता! तुम्हारा
अंश हूँ मैं सम्पूर्ण
मां के गर्भ में रचा
तुमने मुझे अपने लहू से तुमसे मुक्त कैसे
हो पाऊंगा कभी
कैसे वापस लौटा सकूँगा तुझे
उसका अंश भी जो
तुमने दिया है मुझे सब कुछ निछावर करके भी अपने आंसुओं के साथ
रखा तुमने मुझे
जो करुणा और...
[पूरी पोस्ट]
डा.सुभाष राय
12
2
0
2
6
[12 Jun 2010 02:31 AM]



Shuffle








