सुवचन-सुधा

सत्यार्थ-प्रकाश ११.) अर्थसम्पप्रकृतिसम्पदं करोति । अर्थ-सम्पत्ति ‘प्रकृति-सम्पत्ति’ (अमात्य, सेना, मित्र आदि सम्पत्ति)को उत्पन्न करने वाली होती है। १२.) प्रकृतिसम्पदा ह्मानायकमपि राज्यं नीयते । प्रकृतिसम्पत्ति के द्वारा नेतारहित राज्य का भी सञ्चालन किया जा सकता है। १३.)... [पूरी पोस्ट]
writer सौरभ आत्रेय

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[12 Jun 2010 01:56 AM]

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