रहें न रहें हम.. महका करेंगे..... एक गीत

दिल का दर्पण -  परावर्तन गीतकार : मजरूह सुलतान पुरी गायक : लता मंगेशकर संगीतकार : रोशन चित्रपट : ममता - 1966 रहें न रहें हम, महका करेंगे बन के कली, बन के सबा, बाग-ए-वफ़ा में.... रहें न रहें हम... मौसम कोई हो इस चमन में रंग बनके रहेंगे हम खिरामा चाहत की खुशबू यूं ही जुल्फ़ों से... [पूरी पोस्ट]
writer मोहिन्दर कुमार
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[12 Jun 2010 00:30 AM]

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