अनमोल वचन

महाशक्ति त्योहार साल की गति के पड़ाव हैं, जहाँ भिन्न-भिन्न मनोरंजन हैं, भिन्न-भिन्न आनंद हैं, भिन्न-भिन्न क्रीडास्थल हैं - बरुआदुखियारों को हमदर्दी के आँसू भी कम प्यारे नहीं होते- प्रेमचंदअधिक हर्ष और अधिक उन्नति के बाद ही अधिक दुख और पतन की बारी आती है।-जयशंकर... [पूरी पोस्ट]
writer महाशक्ति
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[11 Jun 2010 22:45 PM]

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