शैलबाला शतक - २
माँ के काली स्वरूप की अभ्यर्थना के चार कवित्त पुनः प्रस्तुत हैं । इस शतक में शुरुआत के आठ कवित्त काली के रौद्र रूप का साक्षात दृश्य उपस्थित करते हैं । रौद्र-रूपा काली के सम्मुख दीन-असहाय बालक पुकार रहा है । माँ इस रूप में भी ममतामयी है..किसी भी...
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हिमांशु । Himanshu
काली
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[11 Jun 2010 21:25 PM]



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