जंगल की संतान [पुस्तक समीक्षा] - शरद ...
"आदिवासी संस्कृति, परंपरा एवं रीतिरिवाजों को समेटे एक भावुक उपन्यास" उपन्यास के लेखक ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय चन्द्रपुर, गढ़चिरोली (महाराष्ट्र) एवं बस्तर के जंगलों में व्यतीत किया है। शायद यही कारण है कि उन्होनें कोयावंशीय आदिवासी संस्कृति को न...
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[11 Jun 2010 20:30 PM]



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