"तुलसी के बिरवे"

lavanyam-antarman "तुलसी के बिरवे"श्री तुलसी प्रणाम वृन्दायी तुलसी -देव्यैप्रियायाई केसवास्य चविष्णु -भक्ति -प्रदे देवीसत्यवात्याई नमो नमःमैं श्री वृंदा देवी को प्रणाम करती हूँ जो तुलसी देवी हैं , जो भगवान् केशव की अति प्रिय हैं हे देवी आपके प्रसाद स्वरूप , जो उच्चतम सत्य... [पूरी पोस्ट]
writer लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्`
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[11 Jun 2010 17:03 PM]

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