बातें.... नागार्जुन

मेरी दुनिया मेरा जहां.... ===========================बातें.... नागार्जुन ===========================बातें–हँसी में धुली हुईंसौजन्य चंदन में बसी हुईबातें–चितवन में घुली हुईंव्यंग्य-बंधन में कसी हुईंबातें–उसाँस में झुलसींरोष की आँच में तली हुईंबातें–चुहल में हुलसींनेह–साँचे में ढली... [पूरी पोस्ट]
writer देव कुमार झा
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[11 Jun 2010 15:39 PM]

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