साँप सालों पहले निकल गया, लकीर अब तक पीट रहे हैं
साँप तो निकल कर जा चुका है, और जिसे मौका लग रहा है वही लकीर पीट रहा है। जब मामले में अदालत का निर्णय आया तो न्यायपालिका को कोसा जा रहा था, साथ ही दंड संहिता की खामियाँ गिनाई जा रही थीं। निश्चित ही न्यायपालिका का इस में कोई दोष नहीं। उस का काम सरकार...
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दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi
bhopal-genocide
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[11 Jun 2010 15:25 PM]



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