पत्रकारिता के लिए अपने परिवार को दावं पर लगा दिया
पत्रकारिता वास्तव में समाज सेवा है, यदि एक पत्रकार यह ठान ले तो समाज की बुराइयों को काफी हद तक दूर कर सकता है किन्तु एक पत्रकार पत्रकारिता के लिए अपने परिवार को दावं पर लगा सकता है शायद हाँ और यही कर दिखाया पत्रकार संजीव शर्मा ने, उनके संघर्ष की कहानी...
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हरीश सिंह
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[11 Jun 2010 07:21 AM]



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