यह कैसा रिश्ता ?

दिल की बातें मै और तारा आसमान में लाखों तारे पर एक ही तारा मुझको भाया |और टूटा वह, एक ही तारा ,जो मेरी किस्मत में आया | चलो मान ही लेता हूँ मै ,यह मेरी किस्मत में लिखा हुआ था |मगर फिर क्या दोष था उसका , जो आसमान में में सजा हुआ था |हम दोनों की एक ही किस्मत... [पूरी पोस्ट]
writer Sunil Kumar

कविताएं

views
28
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
4
[11 Jun 2010 03:57 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix