परंतु उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
आखिरकार बीएसएनएल के ब्राडबैंड कनैक्शन से तौबा कर ली। अब भले ही इंटरनेट धीमी गति से चल रहा है। परंतु एक सकून है, नहीं तो केवल बिल ही देना पड़ रहा था परंतु सेवा के नाम रोज-रोज फोन करके भी कुछ हासिल नहीं हो रहा था। स्थानीय अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों...
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अक्षत विचार
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[11 Jun 2010 03:31 AM]



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