गाँव से आगे, गाँव के पीछे
गाँव से आगे, गाँव के पीछे गाँव खतरे में हैं. शहर धीरे-धीरे उन्हें निगल रहे हैं. शहरों में अंग्रेजी है, बड़े बाज़ार हैं, खूब पैसा है. लोग वैभव भरी जिंदगी में मस्त हैं. कुछ भी खरीद सकते हैं. अच्छे से अच्छा फोन, बड़ी से बड़ी गाड़ी, खूबसूरत कपडे....
[पूरी पोस्ट]
डा.सुभाष राय
subhash
11
1
0
1
1
[11 Jun 2010 03:08 AM]



Shuffle








