“वो चमन चाहिए!” (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री “मयंक”)
♥ एक पुराना गीत ♥मन-सुमन हों खिले, उर से उर हों मिले, लहलहाता हुआ वो चमन चाहिए। ज्ञान-गंगा बहे, शन्ति और सुख रहे- मुस्कराता हुआ वो वतन चाहिए।। दीप आशाओं के हर कुटी में जलें, राम-लछमन से बालक, घरों में पलें, प्यार ही...
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
गीत
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[11 Jun 2010 01:26 AM]



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