मौत

शब्द-सृजन की ओर... आज मैंने मौत को देखा!अर्द्धविक्षिप्त अवस्था में हवस की शिकारवो सड़क के किनारे पड़ी थी!ठण्डक में ठिठुरते भिखारी केफटे कपड़ों से वह झांक रही थी!किसी के प्रेम की परिणति बनीमासूम के साथ नदी में बह रही थी!नई-नवेली दुल्हन को दहेज की खातिरजलाने को तैयार... [पूरी पोस्ट]
writer KK Yadava

कविता

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[10 Jun 2010 22:30 PM]

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