......बचपन (माँ की गोद में)

prayaas खट्टी मीठी जिंदगी के टेढ़े मेढ़े रास्तों पर, मीठे मीठे सपनो की बात ही न्यारी है/जिंदगी के साथ साथ जनम लेते हैं सपने,सपनो के साथ चलती जिंदगी हमारी है/जीवन का पहला साल, सपनो से मालामाल, माँ की गोद मीठी मीठी लोरिया सुनाती है/बच्चे के साथ, बच्चा बन जाती है... [पूरी पोस्ट]
writer pawan dhiman

जीवन चक्र

views
13
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
4
[10 Jun 2010 19:24 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix