हमारी नयी ज़िंदगी
शबीह ने अभी बारहवीं की परीक्षा पास की है, कविताओं से इन का नाता खून पानी का है, नौ दस साल की होंगी तब से ही शबीह ने कविता के साथ उठना बैठना शुरू कर दिया था, छोटी उम्र में ही उनकी कविताओं ने अनुभवों की निजता का परिचय दे दिया है, शबीह का पहला संकलन 'हमारी...
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आशुतोष पार्थेश्वर
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[10 Jun 2010 13:33 PM]



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