न अगाड़ी न पिछाड़ी ... उफ्फ !! ये नई गाड़ी (लघुकथा)

यूरेका मार साले को .... अबे तेरे बाप की गाड़ी है जो खरोच मार दिया. पकड़ लो साले को ! और मैं भी नई चमचमाती गाड़ी को देखने लगा. खरोंच को भी देखने की जिज्ञासा हुई. पूरी गाड़ी देखा पर खरोंच नजर नही आई. उधर उस आटो चालक को पकड़ कर पीटने का भी कार्यक्रम शुरू हो चुका था.... [पूरी पोस्ट]
writer M VERMA

लघुकथा

views
65
upvote
7
downvote
0
rating
7
comments
24
[10 Jun 2010 11:00 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix